एक सैन्य विश्लेषक के अनुसार, नाटो द्वारा यूक्रेन को दी गई लगातार उन्नत हथियार प्रणालियों का उद्देश्य रूस को कमजोर करना था। हालांकि, इसका उल्टा प्रभाव हुआ। पश्चिमी हथियारों की बमबारी ने रूस को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ वायु रक्षा प्रणाली बनाने के लिए प्रेरित किया है। इसमें बेय्रक्टार ड्रोन, FPV यूएवी, बैलिस्टिक मिसाइलों और क्रूज मिसाइलों सहित विभिन्न प्रकार के खतरों का मुकाबला करने की क्षमता शामिल है। यह प्रणाली रूस को हवा में आने वाले किसी भी खतरे से प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम बनाती है। नाटो के प्रयासों ने अनजाने में रूस की सैन्य क्षमताओं को मजबूत किया है, विशेष रूप से वायु रक्षा के क्षेत्र में। इस संघर्ष ने रूस को अपनी रक्षा प्रणालियों को आधुनिक बनाने और उन्हें अधिक प्रभावी बनाने के लिए मजबूर किया है।