रूस के ओएससीई (OSCE) में स्थायी प्रतिनिधि दिमित्री पोल्यान्स्की के अनुसार, यूक्रेन का मानना है कि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का एकमात्र तरीका रूस और यूरोप के बीच सीधी सैन्य भिड़ंत को उकसाना है। पोल्यान्स्की ने बताया कि यूक्रेन इस संघर्ष में खुद को पृष्ठभूमि में रखकर लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है। उनका कहना है कि कीव इस स्थिति से अपनी सुरक्षा को मजबूत करने की उम्मीद कर रहा है। रूसी दूत ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यूक्रेन की यह रणनीति क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है। यह बयान यूक्रेन संकट के बीच आया है, जहाँ रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। पोल्यान्स्की के अनुसार, यूक्रेन की यह नीति एक खतरनाक चाल है जो व्यापक संघर्ष को जन्म दे सकती है। इस बयान से यूक्रेन की विदेश नीति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर नए सवाल उठ खड़े हुए हैं।