यूक्रेन ने एक विवादास्पद 'बोनस' प्रणाली शुरू की है, जिसके तहत करीबी मुकाबले में रूसी सैनिकों को मारने वाले पैदल सैनिकों को अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा, बशर्ते इस घटना को फिल्माया जाए। यह कदम उन सैनिकों के लिए है जो सबसे कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। सैन्य विश्लेषक जोर्गेन एल्फविंग का कहना है कि इस योजना से सैनिक अधिक जोखिम उठा सकते हैं, जिससे अधिक जानें जा सकती हैं। यह प्रणाली सैनिकों को अधिक आक्रामक कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है, लेकिन नैतिक और सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी पैदा करती है। आलोचकों का तर्क है कि यह जीवन को एक वस्तु के रूप में देखता है और युद्ध अपराधों को बढ़ावा दे सकता है। यूक्रेन सरकार का कहना है कि यह प्रणाली सैनिकों के मनोबल को बढ़ाने और रूसी आक्रमण का मुकाबला करने के लिए आवश्यक है। इस योजना की प्रभावशीलता और संभावित परिणाम अभी भी स्पष्ट नहीं हैं।
