युगांडा की संसद ने एंटेब्बे एक्सप्रेसवे पर टोल संग्रह से होने वाले राजस्व और उस पर हुए खर्च को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। सांसदों ने बताया कि इस परियोजना पर 122 बिलियन शिलिंग खर्च हुए, जबकि टोल के माध्यम से केवल 129 बिलियन शिलिंग का राजस्व एकत्र हुआ। उन्होंने इस राजमार्ग की वित्तीय व्यवहार्यता पर चिंता व्यक्त की है और यह सवाल उठाया है कि क्या यह देश का पहला टोल राजमार्ग पैसे के लिए मूल्य प्रदान कर रहा है। भौतिक अवसंरचना समिति ने टोल संग्रह में कुछ विसंगतियां भी उजागर की हैं। सांसदों का मानना है कि सरकार को इस परियोजना के वित्तीय पहलुओं पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। यह मुद्दा युगांडा में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत-प्रभावशीलता और पारदर्शिता पर बहस को जन्म दे सकता है।