संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपनी निर्भरता को कम करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रहा है। हाल ही में ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के कारण यह जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए कितना महत्वपूर्ण है, यह उजागर हुआ है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर उर्वरक, हीलियम और एल्यूमीनियम सहित कई महत्वपूर्ण वस्तुओं का परिवहन होता है। यूएई इस महत्वपूर्ण मार्ग पर अपनी निर्भरता को कम करके अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहता है। यह योजना वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजारों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूएई का यह कदम मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक परिदृश्य को भी बदल सकता है। यह पहल ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण और वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों के विकास पर केंद्रित है।
