तुर्की के मर्डिन शहर में 'फोटोहाने डार्क रूम' नामक एक अनूठी पहल चल रही है, जिसके तहत स्थानीय और प्रवासी बच्चों को एनालॉग फोटोग्राफी सिखाई जा रही है। इस परियोजना की शुरुआत 2024 में अमर किलिक और सर्बेस्ट सालिह नामक दो फोटोग्राफरों ने की थी। 'फोटोहाने' का अर्थ तुर्की, अरबी, कुर्दिश और फ़ारसी भाषाओं में 'फोटो का घर' होता है, और यह नाम बच्चों ने ही चुना। इस कार्यशाला में भाग लेने वाले बच्चे स्वयं फिल्म लोड करते हैं, विकसित करते हैं और अपनी तस्वीरें प्रिंट करते हैं, जिससे उनमें स्वतंत्रता और रचनात्मकता की भावना विकसित होती है। मर्डिन शहर, जो कभी मेसोपोटामिया का हिस्सा था, अब सीरिया के गृहयुद्ध से भागे शरणार्थियों और कम आय वाले परिवारों का घर भी है। ये बच्चे अपनी तस्वीरों के माध्यम से अपने अनुभवों और दुनिया को एक नए दृष्टिकोण से देखते हैं। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को कला के माध्यम से सशक्त बनाना और उन्हें अपनी कहानियाँ बताने का मंच प्रदान करना है।