तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान ने शनिवार को कहा कि तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हस्ताक्षरित रक्षा समझौता तकनीकी रूप से नाटो के अनुच्छेद 5 के समान है, जो एक-दूसरे की रक्षा करने का पारस्परिक समझौता है। फिदान ने यह भी स्पष्ट किया कि यह समझौता ईरान को लक्षित नहीं है। उन्होंने बताया कि तुर्की के राष्ट्रपति तैय्यप एर्दोगान इस गठबंधन का विस्तार देखना चाहते हैं और मिस्र सहित अन्य देश इसमें शामिल हो सकते हैं। यह समझौता क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल मध्य पूर्व में तुर्की की भूमिका को मजबूत करेगी। फिदान ने आगे कहा कि यह गठबंधन क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है। इस समझौते के विस्तार से क्षेत्र में सुरक्षा परिदृश्य बदल सकता है।