ट्यूनीशिया की विश्व कप यात्रा एक निराशाजनक अनुभव रही। क्वालीफाइंग दौर में एक भी गोल न conceding करते हुए टीम ने शानदार प्रदर्शन किया था और अपने ग्रुप में शीर्ष पर रही थी। हालांकि, विश्व कप में टीम का प्रदर्शन पूरी तरह से उलट गया, जहाँ उन्होंने तीन मैचों में कुल 12 गोल खाए और हर मैच के शुरुआती सात मिनटों में ही गोल गंवा दिए। टीम ने दो आत्मघाती गोल भी किए और खराब प्रदर्शन के कारण कोच सबरी लामौशी को भी बर्खास्त कर दिया गया। क्वालीफाइंग दौर में टीम के शीर्ष स्कोरर एक डिफेंडर थे, जिससे आक्रमण में कमजोरी उजागर हुई। कोच की नियुक्ति पर भी सवाल उठे थे, क्योंकि कुछ प्रशंसकों ने उनकी ट्यूनीशियाई पहचान पर संदेह जताया था। यह पतन टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही स्पष्ट संकेत दे रहा था।
