ट्यूनीशिया में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच कठिन होती जा रही है। अर्थशास्त्री रिधा चकुंदली के अनुसार, दवाओं की कीमतें बहुत अधिक हैं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा कोष (CNAM) द्वारा प्रतिपूर्ति में देरी हो रही है। इसके अतिरिक्त, दवाओं की कमी बनी हुई है और चेक सुधार के बाद भुगतान सुविधाएं समाप्त कर दी गई हैं। चकुंदली का मानना है कि ये कारक कई ट्यूनीशियाई नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करना मुश्किल बना रहे हैं। उन्होंने फेसबुक पर इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है। यह स्थिति ट्यूनीशिया में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यह रिपोर्ट 'बिजनेस न्यूज़' में प्रकाशित हुई है।