ट्यूनीशिया में 2022 के संविधान के अनुच्छेद 135 के तहत उच्च शिक्षा परिषद (CSE) की स्थापना का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली की दीर्घकालिक रणनीतियों को तय करना था. यह परिषद शिक्षा संबंधी निर्णयों को अस्थायी राजनीतिक प्रभावों से दूर रखने और विशेषज्ञता तथा मूल्यांकन पर आधारित रखने के लिए बनाई गई थी. हालांकि, यह पहल सत्ता के केंद्रीकरण की पृष्ठभूमि में है, जिससे शिक्षा प्रणाली की स्वायत्तता पर सवाल उठ रहे हैं. यह परिषद शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक योजना के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है, लेकिन इसकी सफलता राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्ति की गारंटी पर निर्भर करती है. इस स्थिति में, शिक्षा प्रणाली की स्वतंत्रता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इस पहल के परिणाम देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होंगे. शिक्षा क्षेत्र के सुधार के लिए एक मजबूत और स्वतंत्र ढांचे की आवश्यकता है.