अमेरिकी खुफिया सूत्रों ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आगाह किया था कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनी की हत्या से ईरान की सरकार नहीं गिरेगी। बल्कि, इस कार्रवाई से एक और भी कट्टरपंथी और दृढ़ नेतृत्व उभर सकता है। खुफिया अधिकारियों का मानना था कि खमेनी को हटाने से ईरान का परमाणु हथियार हासिल करने का प्रयास और तीव्र हो जाएगा। ट्रंप प्रशासन ने इस चेतावनी पर विचार किया था, लेकिन अंततः खमेनी को निशाना बनाने का निर्णय नहीं लिया। इस चेतावनी से पता चलता है कि ईरान के साथ तनाव बढ़ने पर संभावित परिणामों को लेकर अमेरिकी नीति निर्माताओं के बीच कितनी गंभीर चिंताएं थीं। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान में नेतृत्व परिवर्तन से क्षेत्रीय अस्थिरता भी बढ़ सकती है। यह जानकारी हाल ही में सार्वजनिक हुई है और ईरान पर अमेरिका की नीति के बारे में नई बहस छेड़ सकती है।

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