पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प प्रशासन ने वैश्विक वित्तीय संकट के बाद बैंकों को सुरक्षित बनाने के लिए बनाए गए नियमों को कमजोर कर दिया है। इन नियमों में ढील देने से अमेरिकी बैंकों को राहत मिलेगी, लेकिन वित्तीय स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी जोखिम पैदा कर सकता है। इन नियमों का उद्देश्य बैंकों के जोखिम लेने की क्षमता को सीमित करना और वित्तीय प्रणाली को सुरक्षित रखना था। ट्रम्प प्रशासन का तर्क है कि ये नियम बैंकों के विकास में बाधा बन रहे थे। इस फैसले से बैंकों को अधिक जोखिम लेने और अधिक ऋण देने की अनुमति मिल जाएगी, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल सकता है, लेकिन साथ ही वित्तीय संकट का खतरा भी बढ़ सकता है। इस नीति परिवर्तन के वैश्विक प्रभाव को लेकर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं।
