पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ईरान के साथ हुए नकदी समझौतों की कड़ी आलोचना की थी, लेकिन अब वे 300 बिलियन डॉलर के एक फंड का बचाव कर रहे हैं। यह फंड, जो ईरान को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचा सकता है, हाल ही में चर्चा का विषय बना हुआ है। ट्रंप प्रशासन ने पहले ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर इस तरह के वित्तीय लेन-देन का विरोध किया था। अब, ट्रंप का इस फंड का समर्थन करने का रुख आश्चर्यजनक है और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच बहस का विषय बन गया है। माना जा रहा है कि यह बदलाव ईरान के साथ संभावित भविष्य के समझौतों की दिशा में एक संकेत हो सकता है। इस फंड का उपयोग ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के बदले में किया जा सकता है। इस मुद्दे पर घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं मिश्रित हैं।
