अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नाटो के महासचिव मार्क रूट से बुधवार को मुलाकात में ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में सहयोग न करने पर नाटो सहयोगियों के प्रति निराशा व्यक्त की। ट्रम्प का कहना है कि अमेरिका ने बिना किसी सहायता के ईरान को "ध्वस्त" कर दिया। जवाब में, मार्क रूट ने नाटो सहयोगियों का बचाव करते हुए कहा कि संघर्ष के दौरान 4,000 से 5,000 अमेरिकी विमान यूरोपीय ठिकानों से संचालित हुए थे। इस बयान से अमेरिका और नाटो सहयोगियों के बीच तनाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। ट्रम्प प्रशासन का ईरान पर सख्त रुख रहा है, जबकि कई नाटो सदस्य देशों ने इस नीति को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। रूट ने इस बात पर जोर दिया कि नाटो सहयोगी अमेरिका के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन उन्होंने ईरान के साथ संघर्ष में शामिल होने से इनकार कर दिया। यह घटनाक्रम नाटो के भीतर ट्रांसअटलांटिक संबंधों की जटिलताओं को दर्शाता है।
