जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर 2015 के परमाणु समझौते के लिए ईरान को रिश्वत देने का आरोप लगाया है। ट्रंप का दावा है कि ओबामा प्रशासन ने ईरान को समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए गुप्त रूप से धन दिया था। हालांकि, ट्रंप ने इस आरोप के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया। यह आरोप ऐसे समय में लगाया गया है जब ट्रंप प्रशासन पहले से ही ईरान के साथ परमाणु समझौते से हटने के बाद उस देश पर दबाव बना रहा है। इस कदम से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ गया है। व्हाइट हाउस ने इस मामले पर फिलहाल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है। इस आरोप से ओबामा प्रशासन की विदेश नीति पर भी सवाल उठ सकते हैं।
