एक जुलाई से यातायात उल्लंघन के चालान भेजने की प्रक्रिया में बदलाव आया है। अब अधिकारियों को चालान भेजने के लिए छह महीने का समय मिलेगा, जो पहले तीन महीने था। यह बदलाव एक नए कानून के तहत किया गया है, जिसका उद्देश्य अधिकारियों पर बढ़ते काम के बोझ को कम करना है। सरकार का कहना है कि इससे अधिकारियों को मामलों की जांच करने और सही निर्णय लेने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा। यह परिवर्तन चालान प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और दक्षता बढ़ाने में मदद करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उल्लंघनकर्ताओं को समय पर प्रतिक्रिया देने का अवसर मिलेगा। यह कानून पूरे देश में लागू होगा और सभी प्रकार के यातायात उल्लंघनों पर लागू होगा।