पिक्सर की एनिमेशन फिल्म ‘खिलौना कहानी ५’ पर आरोप लगा है कि यह फिल्म बच्चों को स्क्रीन टाइम के खतरों के बारे में उपदेश देती है, जबकि खुद ही उन्हें स्क्रीन के सामने खींचती है। आलोचकों का कहना है कि फिल्म में स्क्रीन टाइम को लेकर पाखंडी रवैया अपनाया गया है। फिल्म बच्चों को स्क्रीन से दूर रहने की सलाह देती है, लेकिन साथ ही उन्हें घंटों तक मनोरंजन प्रदान करती है। यह विरोधाभास फिल्म की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि फिल्म निर्माताओं को बच्चों के मनोरंजन के लिए अन्य माध्यमों पर भी ध्यान देना चाहिए। फिल्म की कहानी और एनिमेशन की गुणवत्ता को सराहा जा रहा है, लेकिन इसके संदेश की प्रामाणिकता पर संदेह जताया जा रहा है। यह मुद्दा फिल्म उद्योग में बहस का विषय बन गया है।