ब्रिटेन की सबसे बड़ी जल आपूर्ति कंपनी, टेम्स वाटर, गहरे संकट में है और सरकार द्वारा दस अरब पाउंड की पुनर्बहाली योजना पर आपत्ति जताने के बाद संभावित रूप से सरकारी नियंत्रण में आ सकती है। यह कंपनी 16 मिलियन लोगों को जल आपूर्ति करती है और भारी कर्ज में डूबी हुई है। यदि नियामकों ने लेनदारों के नेतृत्व वाली इस योजना को अस्वीकार कर दिया, तो कंपनी का अस्थायी राष्ट्रीयकरण हो सकता है। सरकार की चिंता है कि इस योजना से ग्राहकों पर बोझ बढ़ेगा और पर्यावरण संरक्षण खतरे में पड़ सकता है, खासकर कंपनी के वर्षों से चले आ रहे कुप्रबंधन को देखते हुए। नियामक अब इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं और जल्द ही निर्णय लेने की उम्मीद है। इस संकट से ब्रिटेन में जल आपूर्ति के निजीकरण पर भी सवाल उठ रहे हैं।
