टीएमजेसी की छात्रा सहना रामप्रसाद को एलर्जी की समस्या थी, जिसने उन्हें नवाचार के लिए प्रेरित किया। अपनी एलर्जी से निपटने के लिए उन्होंने एक उपकरण विकसित करने का निर्णय लिया। इस प्रक्रिया में, उन्होंने इंजीनियरिंग के प्रति अपनी रुचि विकसित की। उन्होंने विभिन्न प्रोटोटाइप बनाए और अपनी डिजाइन को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया। सहना की यह परियोजना एक सफल नवाचार बन गई, जिसने उन्हें इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनका मानना ​​है कि व्यक्तिगत चुनौतियों को रचनात्मक समाधानों में बदला जा सकता है। यह कहानी दिखाती है कि कैसे एक व्यक्तिगत अनुभव किसी को अपने जुनून को खोजने और उसे आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित कर सकता है।