हाल ही में जारी 'शुलबैरॉमिटर' (Schulbarometer) सर्वेक्षण के अनुसार, बड़ी संख्या में शिक्षक अभी भी कक्षा में पूर्ण राजनीतिक तटस्थता बनाए रखने में विश्वास करते हैं। यह रिपोर्ट दर्शाती है कि शिक्षक राजनीतिक विषयों पर चर्चा करने से डरते हैं। हालांकि, नियमों के अनुसार शिक्षकों का यह दायित्व है कि वे कक्षा में लोकतंत्र के मूल्यों का समर्थन करें। सर्वेक्षण में इस विरोधाभास को उजागर किया गया है कि तटस्थता की इच्छा लोकतांत्रिक शिक्षा के कर्तव्य में बाधा बन रही है। यह स्थिति शिक्षा जगत में राजनीतिक संवाद की कमी को रेखांकित करती है। अंततः, यह अध्ययन शिक्षकों के बीच राजनीतिक चर्चाओं को लेकर व्याप्त हिचकिचाहट और डर को स्पष्ट करता है।
