हाल के दिनों में ताइवान में दक्षिण कोरियाई चुनावों के बारे में गलत सूचनाओं की एक लहर देखी गई है। इन भ्रामक दावों में मुख्य रूप से चुनावों में व्यापक धोखाधड़ी और वोटों की हेराफेरी के आरोप लगाए गए हैं। कई मामलों में, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे वीडियो साझा किए जा रहे हैं जिनमें मतपेटियों में अवैध रूप से वोट डालने का दावा किया गया है। इन वीडियो को ऑटोS स्वचालित अनुवाद उपकरणों के माध्यम से कोरियाई से चीनी भाषा में अनुवादित किया गया है। यह प्रवृत्तिunL स्थिति तNESP विशेष रूप से डिजिटल माध्यमों के जरिए तेजी से फैल रही है। इस तरह के दुष्प्रचार से चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। यह घटना दर्शाती है कि कैसे तकनीक का उपयोग गलत सूचनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाने के लिए किया जा रहा है। वर्तमान में इस मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई जा रही है।