ताइवान के केंद्रीय बैंक ने गुरुवार को अपनी मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, जिससे संपत्ति बाजार में मंदी जारी रहने की आशंका बढ़ गई है। निर्माण कंपनियों ने बढ़ती लागत और घटती मांग के कारण अपनी वित्तीय स्थिति को बनाए रखने में कठिनाई व्यक्त की है। केंद्रीय बैंक की कठोर मौद्रिक नीति का उद्देश्य मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना है, लेकिन इसका नकारात्मक प्रभाव संपत्ति बाजार पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम है। इस स्थिति के कारण निर्माण क्षेत्र में निवेश कम होने और परियोजनाओं में देरी होने की आशंका है। सरकार इस स्थिति को सुधारने के लिए संभावित उपायों पर विचार कर रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। संपत्ति बाजार की यह स्थिति ताइवान की अर्थव्यवस्था के लिए एक चिंता का विषय बनी हुई है।