स्विट्जरलैंड में आज एक महत्वपूर्ण जनमत संग्रह हो रहा है, जिसमें देश में 2050 तक स्थायी निवासियों की संख्या 10 मिलियन तक सीमित करने का प्रस्ताव है। यह पहल स्विस पीपुल्स पार्टी (UDC) द्वारा लाई गई है, जो देश की प्रमुख अप्रवासन विरोधी और यूरोपीय संघ विरोधी पार्टी है। इस मुद्दे पर स्विस जनता विभाजित है, कुछ लोग यूरोपीय संघ के निर्देशों के 'अधीनता' को अस्वीकार करने के रूप में इसे देखते हैं, जबकि अन्य 'राष्ट्रीय मूल्यों' को छोड़ने के डर से चिंतित हैं। जनमत संग्रह का परिणाम स्विट्जरलैंड की भविष्य की आप्रवासन नीतियों और यूरोपीय संघ के साथ उसके संबंधों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करेगा। UDC का तर्क है कि यह पहल देश के संसाधनों और जीवन स्तर की रक्षा करेगी। वहीं, विरोधियों का कहना है कि इससे आर्थिक विकास बाधित होगा और श्रम बाजार में कमी आएगी। यह मतदान स्विस राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। परिणाम आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
