स्विट्जरलैंड में रविवार को दस मिलियन की जनसंख्या सीमा पर जनमत संग्रह होगा। स्विस पीपुल्स पार्टी (एसवीपी) आप्रवासन को सीमित करना चाहती है, जिसका असर देश में रह रहे 330,000 जर्मनों पर भी पड़ सकता है। इस मतदान का परिणाम जर्मनों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा कर सकता है। एसवीपी का उद्देश्य स्विस नागरिकों के हितों की रक्षा करना और जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करना है। आलोचकों का तर्क है कि आप्रवासन पर प्रतिबंध से अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा और कुशल श्रमिकों की कमी हो सकती है। जनमत संग्रह का परिणाम स्विट्जरलैंड की आप्रवासन नीति और यूरोपीय संघ के साथ उसके संबंधों को प्रभावित कर सकता है। यह मतदान यूरोपीय देशों में आप्रवासन पर चल रही बहस का हिस्सा है।
