1962 में, कैटिया पोरी अपने माता-पिता के साथ इटली से स्विट्जरलैंड आई थी। उसे अंदाजा नहीं था कि वह जल्द ही महीनों तक घर से बाहर नहीं निकल पाएगी। यह अनुभव उस समय स्विट्जरलैंड में मौसमी श्रमिकों की स्थिति को दर्शाता है। कैटिया ने बताया कि उसे और उसके परिवार को भेदभाव का सामना करना पड़ा था। मौसमी श्रमिकों के बच्चों को अक्सर छिपना पड़ता था क्योंकि वे सामाजिक बहिष्कार का डर रखते थे। यह कहानी स्विट्जरलैंड के इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो प्रवासन और सामाजिक समावेश के मुद्दों को उजागर करती है। कैटिया की व्यक्तिगत कहानी उन कई लोगों के अनुभवों को दर्शाती है जिन्होंने बेहतर जीवन की तलाश में स्विट्जरलैंड आए थे।