स्वीडन की 31 वर्षीय इन्फ्लुएंसर हन्ना फ्रिबर्ग ने फुटबॉल विश्व कप 2026 में स्वीडन की राष्ट्रीय टीम की जर्सी में बदलाव करके विवाद पैदा कर दिया है। उन्होंने जर्सी को काटकर उसे व्यक्तिगत बनाने का दावा किया है। फ्रिबर्ग का कहना है कि कपड़ों को व्यक्तिगत बनाना उनके लिए "रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक रूप है, जिसका विरोध करने का कोई इरादा नहीं है"। इस घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है, जहाँ कुछ लोग उनके फैशन को पसंद कर रहे हैं, वहीं कुछ इसे अपमानजनक मान रहे हैं। स्वीडिश फुटबॉल एसोसिएशन ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह मामला व्यक्तिगत अभिव्यक्ति और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान के बीच की सीमाओं पर सवाल उठाता है। एक्सप्रेसन समाचार पत्र ने इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की है।
