स्वीडन सरकार द्वारा प्रस्तावित प्राकृतिक पुनर्स्थापन योजना में जैविक खाद्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लक्ष्य पर खाद्य उत्पादकों ने चिंता व्यक्त की है। उनका तर्क है कि यह योजना खाद्य आत्मनिर्भरता को कमज़ोर करेगी और आयात पर निर्भरता बढ़ाएगी। लेखकों का कहना है कि अतीत में भी इसी तरह की कृषि नीतियों के कारण स्वीडन से अमेरिका में पलायन हुआ था। उनका मानना है कि जैविक खेती पर अत्यधिक जोर देने से खाद्य उत्पादन में कमी आएगी, जिससे देश में खाद्य संकट उत्पन्न हो सकता है। यह प्रस्ताव स्वीडन की खाद्य सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है, क्योंकि यह घरेलू उत्पादन को कम करके आयात को प्रोत्साहित करता है। खाद्य उत्पादकों ने इस 'बुलर्बी सपने' को छोड़ने की चेतावनी दी है, अन्यथा भुखमरी की स्थिति आ सकती है। वे एक अधिक संतुलित दृष्टिकोण की वकालत करते हैं जो स्वीडन की खाद्य आवश्यकताओं को पूरा कर सके।