स्वीडन की संसद ने देश की आप्रवासन नीति को कड़ा करने के उद्देश्य से दो नए कानून पारित किए हैं। इन कानूनों में से एक विदेशी नागरिकों को “अनुचित व्यवहार” के कारण निष्कासित करने की प्रक्रिया को आसान बनाता है। दूसरा कानून अस्थायी निवास परमिट की शर्तों को अधिक कठोर बनाता है, जिससे परमिट का नवीनीकरण मुश्किल हो जाएगा। सरकार का कहना है कि ये कदम अपराध से निपटने और समाज में एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक हैं। विपक्षी दलों ने इन कानूनों की आलोचना करते हुए कहा है कि ये मानवाधिकारों का उल्लंघन करते हैं और भेदभाव को बढ़ावा देते हैं। नए नियम 1 अप्रैल से लागू होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन कानूनों का स्वीडन में शरण चाहने वालों और प्रवासियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।