स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने स्पेन द्वारा प्रवासियों को दिए गए क्षमादान पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि इस कदम से यूरोपीय संघ में एक नया संकट उत्पन्न हो सकता है। यह प्रतिक्रिया यूरोपीय संघ के भीतर प्रवासन नीतियों पर चल रहे मतभेदों के बीच आई है, विशेष रूप से उत्तरी अफ्रीका में स्थित स्पेन के एन्क्लेव, सेउटा के मुद्दे पर। क्रिस्टर्सन ने इस फैसले को लेकर स्पेन की आलोचना करते हुए कहा कि इससे अवैध प्रवासन को बढ़ावा मिल सकता है। स्पेन सरकार ने हाल ही में हजारों अनियमित प्रवासियों को कानूनी दर्जा देने की घोषणा की थी। इस कदम का उद्देश्य उन प्रवासियों को एकीकृत करना है जो पहले से ही देश में रह रहे हैं और काम कर रहे हैं, लेकिन कई यूरोपीय देशों ने इस पर आपत्ति जताई है। यह मुद्दा यूरोपीय संघ के भीतर आगे विवाद और बहस उत्पन्न कर सकता है।