पिछले छह महीनों में घरेलू हिंसा के कारण चार बच्चों की जान चली गई है, जिनमें से दो मौतें पिछले सप्ताह ही हुई हैं। यह आंकड़ा चार वर्षों में सबसे अधिक है, जो घरेलू हिंसा में गंभीर वृद्धि का संकेत देता है। अधिकारियों ने इस घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त की है और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना बच्चों के खिलाफ हिंसा की बढ़ती समस्या को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि पारिवारिक तनाव और सामाजिक-आर्थिक कठिनाइयों के कारण हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं। सरकार और सामाजिक संगठन इस समस्या से निपटने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। इस दुखद घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और पीड़ितों की सहायता करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।