सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण बोर्ड द्वारा 2020 में जारी किए गए भेड़िया शिकार कोटा को अवैध करार दिया है। अदालत ने पाया कि बोर्ड ने यह आदेश जारी करते समय बर्न कन्वेंशन को ध्यान में नहीं रखा था। बर्न कन्वेंशन के तहत, उस समय भेड़ियों को सख्त सुरक्षा प्राप्त थी। इस फैसले से वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को बल मिला है। अदालत ने कहा कि पर्यावरण बोर्ड को वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़े अंतरराष्ट्रीय समझौतों का पालन करना आवश्यक है। यह निर्णय वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण के महत्व को रेखांकित करता है। इस मामले में, बोर्ड की लापरवाही के कारण वन्यजीवों को खतरा उत्पन्न हो गया था, जिसे अदालत ने गंभीरता से लिया।