दक्षिण कोरिया में विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षाओं में आंतरिक अंकों (internal grades) के महत्व बढ़ने के कारण छात्रों का एक नया वर्ग ‘आंतरिक अंक रीसेट’ का सहारा ले रहा है। इसका अर्थ है कि छात्र एक बार फिर से उसी कक्षा को दोहरा रहे हैं ताकि वे अपने आंतरिक अंकों को सुधार सकें। पहले यह प्रवृत्ति केवल उन छात्रों में देखी जाती थी जो विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा में असफल रहे थे, लेकिन अब यह उन छात्रों में भी बढ़ रही है जो बेहतर विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाने के लिए अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रवृत्ति अत्यधिक प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्रणाली का परिणाम है। यह छात्रों पर अतिरिक्त दबाव डाल रहा है और उनकी मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इस स्थिति को लेकर शिक्षा क्षेत्र में चिंता व्यक्त की जा रही है और सुधारों की मांग उठ रही है। यह घटना कोरियाई शिक्षा प्रणाली में आंतरिक अंकों के बढ़ते महत्व को दर्शाती है।
