पूर्व छात्र नेता उबेदिल्लाह बाद्रुन ने छात्र आंदोलन को विभाजित करने के लगातार प्रयासों का खुलासा किया है। उनका कहना है कि पिछले दस वर्षों में इस तरह के प्रयास विशेष रूप से स्पष्ट हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें जानबूझकर छात्र एकता को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। बाद्रुन ने इस बात पर जोर दिया कि छात्र समुदाय को इन विभाजनों के प्रति सतर्क रहना चाहिए और एकजुट होकर काम करना चाहिए। उनका मानना है कि एकजुट होकर ही छात्र अपनी मांगों को प्रभावी ढंग से उठा सकते हैं और सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। इस खुलासे से छात्र राजनीति में आंतरिक कलह और बाहरी हस्तक्षेप की संभावनाओं पर बहस छिड़ गई है। यह बयान छात्र संगठनों के बीच समन्वय और विश्वास बनाए रखने के महत्व को रेखांकित करता है।
