आधुनिक जीवनशैली में ‘सैंडविच पेरेंटिंग’ एक आम समस्या बनती जा रही है। इसमें व्यक्ति एक ही समय में अपने बच्चों की परवरिश और वृद्ध माता-पिता की देखभाल दोनों की ज़िम्मेदारी निभाता है। सुबह बच्चों को स्कूल भेजने से लेकर, दिन में ऑफिस की मीटिंग और शाम को माता-पिता को डॉक्टर के पास ले जाने तक, जीवन व्यस्तताओं से भरा रहता है। ऐसे में व्यक्ति के लिए अपने लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता है। यह स्थिति शारीरिक और मानसिक तनाव का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनौती से निपटने के लिए परिवार और समाज दोनों को मिलकर काम करना होगा। संतुलन बनाए रखने के लिए उचित योजना और सहायता की आवश्यकता होती है।
