डॉक्टरों के अनुसार, पेट के बल सोने की स्थिति में छाती दब जाती है और गर्दन मुड़ जाती है, जिससे रात की नींद में खलल पड़ता है। यह आरामदायक नींद को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इस मुद्रा में सोने से रक्तचाप संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त, त्वचा पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और झुर्रियाँ विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है। विशेषज्ञ बेहतर नींद और स्वास्थ्य के लिए पीठ या करवट लेकर सोने की सलाह देते हैं। पेट के बल सोने से शरीर की प्राकृतिक स्थिति बाधित होती है, जिससे दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, सोने की सही मुद्रा का चयन करना महत्वपूर्ण है।