सरकार ने चार उप-मंत्रालयों को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, समानता मंत्रालय (MinIgualdad) का ऑडिट करने का भी आदेश दिया गया है। यह कदम संभावित वित्तीय अनियमितताओं और संपत्ति के नुकसान की शिकायतों के बाद उठाया गया है। नियंत्रण एजेंसियों के समक्ष संभावित दुरुपयोग और अन्य अनियमितताओं की शिकायत दर्ज की जाएगी। ऑडिट का उद्देश्य मंत्रालय के कामकाज की समीक्षा करना और किसी भी वित्तीय कदाचार की जांच करना है। सरकार का मानना है कि यह पुनर्गठन प्रशासनिक दक्षता में सुधार और संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में मदद करेगा। इस फैसले से राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।