स्पेन की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के ‘पोते-पोतियों के कानून’ (ley de nietos) पर आए फैसले की आलोचना जारी रखी है, जिसे वे "असाधारण गंभीरता" का मामला मानती हैं। सरकार का कहना है कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए, प्रतिबंधित नहीं। हालांकि, सरकार ने यह भी कहा है कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करेंगे, लेकिन 29N (नवंबर 29) के चुनाव से डेढ़ महीने पहले सभी को मतदाता सूची से हटाना मुश्किल है। सरकार का जोर है कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र का मूल सिद्धांत है और इसे किसी भी सूरत में कम नहीं किया जाना चाहिए। वे इस मामले को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन समय-सीमा एक चुनौती है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्पेनिश राजनीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।