दक्षिण सूडान के राष्ट्रपति साल्वा कीर ने फिर से स्पष्ट किया है कि संवैधानिक पदों पर आसीन अधिकारियों को विदेश यात्रा करने से पहले उनकी मंजूरी लेनी आवश्यक है। यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग रोका जा सके। राष्ट्रपति कीर का मानना है कि यह नियंत्रण विदेशी यात्राओं पर खर्च को कम करने और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगा। यह आदेश सभी संवैधानिक अधिकारियों पर लागू होता है, जिनमें मंत्री, संसद सदस्य और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश शामिल हैं। इस निर्णय से दक्षिण सूडान में सरकारी कामकाज पर असर पड़ सकता है, लेकिन सरकार का कहना है कि यह देश के विकास के लिए आवश्यक है। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वे सभी अधिकारियों से अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेने और देश के हित में कार्य करने की अपेक्षा करते हैं। यह नियम दक्षिण सूडान में भ्रष्टाचार को कम करने के प्रयासों का हिस्सा है।

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