दक्षिण कोरिया के खाद्य एवं औषधि सुरक्षा प्रशासन (식약처) ने आगामी कॉलेज प्रवेश परीक्षा (수능) को देखते हुए एडीएचडी (ध्यान अभाव अतिसक्रियता विकार) दवाओं के दुरुपयोग पर गहन जाँच शुरू की है। इन दवाओं को गलत तरीके से “पढ़ाई में मदद करने वाली दवा” के रूप में प्रचारित किया जा रहा है, जिसके कारण छात्रों में इनके दुरुपयोग की संभावना बढ़ गई है। प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल वास्तविक आवश्यकता वाले मरीजों को ही ये दवाएं मिलें। इस जाँच में दवाओं की बिक्री और पर्चे पर ध्यान दिया जाएगा, जिससे अवैध वितरण को रोका जा सके। अधिकारियों ने छात्रों और अभिभावकों को इन दवाओं के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक रहने का आग्रह किया है। यह कार्रवाई छात्रों के स्वास्थ्य और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।