मार्च 2023 में हुए विरोध प्रदर्शन के एक साल से अधिक समय बाद, “ध्वनि तरंग” मामला फिर से चर्चा में है। अभियोजन पक्ष पुराने दस्तावेजों की मांग कर रहा है और मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रहा है। यह मामला एक कथित “ध्वनि तोप” के उपयोग से संबंधित है, जिसका इस्तेमाल विरोध प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए किया गया था। अब, इस मामले में गवाहों की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं, जिससे जांच में नई जटिलताएँ आ गई हैं। अभियोजन पक्ष मामले की गहराई से जांच करने और सच्चाई का पता लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस पुन: जांच से विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं पर नई रोशनी पड़ने की उम्मीद है। मामले की आगे की कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।