यह कहानी स्लोवाकिया से कनाडा आए दो परिवारों के मिलने और उनके बच्चों के विवाह की है। 1923 में, स्टेफ़ान मरेज्का ने तुर्ज़ोवका छोड़ा और कनाडा चले गए। इसी तरह, 1929 में मिचल लुक्चा ने होल्चिक़ोवसे छोड़ा और कनाडा में बस गए। कई वर्षों बाद, इन दोनों परिवारों की संतानों की मुलाकात मॉन्ट्रियल में हुई। इस मुलाक़ात ने प्रेम का रूप लिया और दोनों ने विवाह बंधन में बंधने का फैसला किया। यह घटना दो पीढ़ियों के बाद दो स्लोवाकियाई परिवारों के बीच एक खूबसूरत मिलन का प्रतीक है। यह प्रवासन और पारिवारिक इतिहास की एक दिलचस्प कहानी है।