स्लोवाकिया की सरकार पर अब संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाने का दबाव बढ़ गया है। यह कदम संवैधानिक न्यायालय के एक फैसले के बाद उठाया जा रहा है, जिसने सरकार को ऐसा करने का आदेश दिया है। दरअसल, सरकार महीनों से संसद से विश्वास की मांग करने की संवैधानिक बाध्यता को अनदेखा कर रही थी। प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको पर एक और संभावित प्रतिबंध से बचने का भी दबाव है, और ऐसा माना जा रहा है कि उनके पास संवैधानिक संशोधन के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं है। न्यायालय ने 17 जून को फैसला सुनाया कि सरकार को तुरंत संसद से विश्वास प्राप्त करना होगा, क्योंकि यह बजट संबंधी जिम्मेदारी से संबंधित संवैधानिक कानून के तहत आवश्यक है। फिको का कहना है कि सरकार इस कानून का सम्मान करती है, लेकिन उन्हें संतुलित बजट भी तैयार करने की आवश्यकता है। यह मामला स्लोवाकिया की राजनीति में महत्वपूर्ण तनाव पैदा कर रहा है।
