रात तीन बजे, बालकनी में खड़ी एक माँ अपने विचारों में खोई हुई है। ठंडी हवा चल रही है और आसमान तारों से भरा है। वह चाय बनाती है और सोफे पर बैठ जाती है, लेकिन उसकी नज़रें अपनी बेटी, इरा पर टिकी हैं। इरा अक्सर नींद में रोती है, जिससे माँ का दिल दुखता है। माँ जीवन का आनंद लेती है, लेकिन इरा को वह आनंद नहीं मिल पाता। इरा एक ऐसी बच्ची की तरह है जो दुनिया में अकेली पड़ गई है और अपनी माँ के बिना खोई हुई महसूस करती है। यह कहानी एक माँ और बेटी के बीच के गहरे बंधन और एक बेघर बच्ची के दर्द को दर्शाती है।