एक नए अध्ययन से पता चला है कि नाश्ता छोड़ने की आदत डिमेंशिया के खतरे को बढ़ा सकती है। कई लोग नियमित रूप से नाश्ता छोड़ देते हैं, लेकिन यह मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि नाश्ता छोड़ने से मस्तिष्क को आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं, जिससे संज्ञानात्मक कार्य प्रभावित हो सकते हैं। नाश्ता दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन माना जाता है, क्योंकि यह शरीर और मस्तिष्क को ऊर्जा प्रदान करता है। नियमित रूप से नाश्ता करने से याददाश्त और एकाग्रता में सुधार हो सकता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि स्वस्थ नाश्ता करने की आदत विकसित की जानी चाहिए ताकि मस्तिष्क को उचित पोषण मिल सके और डिमेंशिया के खतरे को कम किया जा सके।