सिंध प्रांत की सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए घाटे का बजट पेश किया है। मुख्यमंत्री ने बजट घाटे के लिए संघीय सरकार द्वारा प्रांत को आवंटित राजस्व में कमी को ज़िम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने सिंध को अपेक्षित धनराशि नहीं दी, जिसके कारण बजट में कटौती करनी पड़ी। बजट में विकास परियोजनाओं के लिए धन आवंटन में भी कमी की गई है। सरकार का दावा है कि उपलब्ध सीमित संसाधनों के बावजूद, सामाजिक क्षेत्र और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के प्रयास जारी रहेंगे। विपक्ष ने बजट को निराशाजनक बताते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से सिंध के साथ न्याय करने और उचित राजस्व हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की मांग की है।
