मलेशियाई उप-मंत्री का मानना है कि यौन उत्पीड़न विरोधी न्यायाधिकरण में प्राप्त शिकायतों की संख्या अपेक्षा से कम है। उनका कहना है कि ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि कई पीड़ित अभी भी डर या संदेह के कारण आगे आने से हिचकिचा रहे हैं। पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने में झिझक के संभावित कारणों में सामाजिक कलंक और न्याय प्रणाली पर अविश्वास शामिल हो सकते हैं। सरकार पीड़ितों को प्रोत्साहित करने और उन्हें सहायता प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। अधिकारियों का मानना है कि अधिक जागरूकता और समर्थन से पीड़ितों को अपनी बात रखने और न्याय प्राप्त करने में मदद मिलेगी। यह न्यायाधिकरण यौन उत्पीड़न के मामलों की जांच और समाधान के लिए स्थापित किया गया था। शिकायतों की कम संख्या इस बात का संकेत है कि पीड़ितों तक न्यायाधिकरण की पहुंच अभी भी सीमित है।
