सर्बिया में महिलाओं के स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में गंभीर असमानताएँ देखी जा रही हैं। एक स्त्री रोग विशेषज्ञ को सालाना औसतन 8,603 मरीज़ों की देखभाल करनी पड़ती है, जो कि अत्यधिक भार है। डॉक्टरों की कमी, जानकारी का अभाव, और परिवहन की कठिनाइयों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में "चिकित्सा रेगिस्तान" जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। कई बार, डॉक्टरों के चले जाने के डर से या भेदभाव के कारण महिलाओं की जाँच में देरी होती है, और अक्सर इस समस्या पर चुप्पी साधे रखी जाती है। यह स्थिति महिलाओं के स्वास्थ्य अधिकारों के उल्लंघन और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या के समाधान के लिए तत्काल ध्यान देने और संसाधनों का आवंटन करने की आवश्यकता है। सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
