सेनेगल की नॉर्वे से 3-2 की हार ने टीम के भीतर तनाव बढ़ा दिया है। कप्तान कालीदू कुलीबली पर विशेष रूप से निशाना साधा जा रहा है। फ्रांस के खिलाफ हार के बाद कुलीबली ने खुद स्वीकार किया था कि वह शारीरिक रूप से पूरी तरह से फिट नहीं हैं, लेकिन उन्होंने शुरुआती लाइनअप में अपनी जगह बनाए रखी। इस फैसले की आलोचना हो रही है, क्योंकि इससे टीम की रक्षा कमजोर हुई। नॉर्वे के खिलाफ मैच में, कुलीबली रक्षा पंक्ति में कमजोर साबित हुए और दो गोलों में सीधे तौर पर उनकी भूमिका रही। एक समय में सेनेगल की रक्षा पंक्ति के मजबूत स्तंभ माने जाने वाले कुलीबली की प्रदर्शन क्षमता में गिरावट देखी जा रही है। उनकी गलतियों के कारण टीम को महत्वपूर्ण नुकसान हुआ और विश्व कप में आगे बढ़ने की संभावना कम हो गई है।