कांग्रेस ने एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया है जिसके तहत पुलिस और सैन्य कर्मियों को सामान्य अदालतों से बाहर कर दिया जाएगा। अब उन्हें केवल आंतरिक न्यायाधिकरणों में ही मुकदमा चलाया जाएगा। इस कानून के अनुसार, पुलिस और सैन्य कर्मियों द्वारा किए गए अपराधों को ‘कर्तव्य का उल्लंघन’ माना जाएगा और उनकी जांच आंतरिक रूप से ही होगी। विधेयक में यह भी प्रावधान है कि यदि किसी कर्मी की जांच पहले से ही सैन्य न्यायाधिकरण में चल रही है, तो सामान्य अदालतों में चल रहे मामलों को बंद कर दिया जाएगा। 52 मतों से पारित यह कानून सुरक्षा बलों के लिए एक अलग न्याय प्रणाली स्थापित करता है। आलोचकों का कहना है कि इससे जवाबदेही कम हो सकती है, जबकि समर्थकों का तर्क है कि यह सुरक्षा बलों को राजनीतिक दबाव से बचाएगा। इस कदम से न्यायपालिका और सुरक्षा बलों के बीच संबंधों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना है।