आजकल बच्चे स्क्रीन पर अधिक समय बिता रहे हैं, और केवल निषेध लगाने से समस्या का समाधान नहीं होता। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, बच्चों के साथ संवाद स्थापित करना और उनकी सहायता करना अधिक प्रभावी होता है। परामर्श के दौरान, यह देखा गया है कि सही शब्दों का प्रयोग करके बच्चों तक पहुंचना और उन्हें वास्तविक मदद प्रदान करना संभव है। स्क्रीन पर अत्यधिक समय बिताने के कारण बच्चों पर अतिरिक्त मानसिक दबाव पड़ सकता है। माता-पिता को बच्चों की मीडिया की लत को समझने और उन्हें स्वस्थ विकल्प प्रदान करने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण और सकारात्मक संवाद से बच्चों को इस समस्या से निपटने में मदद मिल सकती है। यह महत्वपूर्ण है कि बच्चों को सुरक्षित और रचनात्मक गतिविधियों में शामिल किया जाए।